केरल हाईकोर्ट के न्यायाधीश के बयानों की हुई निंदा।


The statements of the Kerala High Court judge condemned.

केरल हाईकोर्ट के न्यायाधीश मोहम्मद मुस्ताक के बयानों की निंदा करते हुए बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने एक विज्ञप्ति जारी किया है। हाल ही में  उन्होंने  कहा था कि बार काउंसिल(BCI) के सदस्य  ही कानूनी शिक्षा का पाठ्यक्रम तय करते है तथा देश में एलएलबी कोर्स के लिए पाठ्यक्रम तय करते हैं। बीसीआई के अनुसार न्यायाधीश को उचित जानकारी के बिना टिप्पणी करने की स्वतंत्रता नहीं होती है। कानूनी शिक्षा को निर्धारित करने का काम बार काउंसिल के सदस्यों का होता है। जहा सिर्फ पांच सदस्य ही होते हैं। बार काउंसिल द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम में कानूनी शिक्षा को उन्नत करने के लिए योगदान दिया जाता हैं। कानूनी शिक्षा के स्तर पर बीसीआई ने संदेह जताया है और उसे बेबुनियाद बताया है। साथ ही न्यायाधीश मोहम्मद मुस्ताक के टिप्पणियों को गैर जिम्मेदाराना और हीन बताया है।

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