धार्मिक पुस्तकों को सस्ते दामों पर प्रकाशित करने वाली सदी की प्रमुख संस्था गीता प्रेस है। हालही में गोरखपुर के गीता प्रेस ने अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे किए हैं। एक समय पर महात्मा गांधी ने उनके संपादक को पत्रिका में विज्ञापनों और समीक्षाओं को ना छापने का सुझाव दिया था। तब से लेकर आज तक यह संस्था निजी विज्ञापनों का कभी भी प्रचार नहीं करती है। उनका उद्देश्य सिर्फ आध्यात्मिक और गैर राजनैतिक कार्य है। अपने उद्देश्य के प्रति दृष्टिकोण बनाए रखते हुए उन्होंने अपने प्रकाशन के लिए आधुनिक मशीनों का उपयोग किया है और यह संस्था आय के साथ ही अन्य स्रोतों के विकास के माध्यम से अपने घाटे को कम करने का प्रयास करती है। यह संस्था हमेशा धार्मिक पुस्तकों के प्रकाशन में लाभ और हानि के सिद्धांत पर चली आ रही है।
गीता प्रेस: सदी की आध्यात्मिक पुस्तक संस्था।
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स्कूल ब्लॉक शकरपुर में सरस्वती पूजा धूम धाम से मनाई गयी।
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