सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत रॉय के निधन के बाद नियामक सेबी के खाते में पड़ी 25,000 करोड़ रुपए की धनराशि पर चर्चा शुरू हो चुकी है, जो अब तक बांटी नहीं गई है। मौत से पहले उनको अपने समूह की कंपनियों के संबंध में कई विनियामक और कानूनी लड़ाइयों का सामना करना पड़ा, जिसमे पोंजी योजनाओं के नियमों को दरकिनार करने का आरोप शमिल है। बता दे की 2011 में सेबी ने वैकल्पिक रूप से पूर्ण परिवर्तनीय बांड के रूप में पहचाने जाने वाले कुछ बांडों के जरिए सहारा समूह की दो कंपनियों सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉर्पोरेशन लिमिटेड और सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड को निवेशकों से जुटाए गए करीब तीन करोड़ रुपए को वापस करने का आदेश दिया था।
सहारा समूह के प्रमुख के निधन के बाद बुरे फसे निवेशक, 25,000 करोड़ रुपए डूबने के कगार पर।
गोरखपुर के CCTV व्यवसायियों का दल ADITI INFOTECH के नेतृत्व में थाईलैंड रवाना।
हरेंद्र यादव हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा। मांझी के मुबारकपुर की घटना।
पश्चिम बंगाल में तबाही मचा सकता है साइक्लोन वायॅपर जॉय।
स्कूल ब्लॉक शकरपुर में सरस्वती पूजा धूम धाम से मनाई गयी।
दिव्या भारती 21 फिल्में कर टॉप एक्ट्रेस बनीं थीं।
आरएसएस मुख्यालय को उड़ाने की धमकी।
थाईलैंड टूर से लौटे गोरखपुर के सीसीटीवी व्यवसाई। हाई फोकस को दिया धन्यवाद।
चिकित्सकीय संस्थानों के डॉक्टरों के पंजीकरण में फर्जीवाड़ा।
Add DM to Home Screen