सोमवार सुबह राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम से पहले भारतीय जनता पार्टी के सांसद प्रताप सिम्हा एक समारोह में भाग लेने मैसूर में स्थित हारोहल्ली पंचायत के गुज्जेगौड़ानपुरा गांव में जा रहे थे, जिस दौरान उन्हे मैसूर जिले के ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा और यहा पर ग्रामीण उनपर दलित विरोधी होने का आरोप लगा रहे थे। बता दे की, इसी गांव में अयोध्या के राम मंदिर में रामलला की मूर्ति के लिए दलित किसान रामदास एम. ने शिला दी थी और कर्नाटक के वास्तुकार अरुण योगी ने इसी शीला से तराशकर और रामलला का विग्रह तैयार किया है।
भाजपा के संसद को मैसूर जिले में ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा।
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