मास्टर गुलाम हुसैन मोर जिनकी नाच पर मोर भी शरमा जाय


Mor Dance

पाकिस्तान के सिंध प्रांत के जमशोर के रहने वाले मास्टर गुलाम हुसैन मोर नर्तक हैं I मोर नर्तक बनने के लिए मास्टर गुलाम हुसैन ने कड़ी मेहनत की फिर भी जब वह अपने काम से संतुष्ट नहीं हुए तब उन्होंने खुद मोर पाला और उनकी फितरत की बारीकी से परख की I उन्होंने देखा कि

  • छोटा मोर जल्दी भाग जाता हैं
  • उससे बड़ा मोर थोड़ा धीरे धीरे नाचता हैं
  • और जो भारी मोर हैं वह अपने बदन को लहरा कर नाचता हैं

इस प्रकार मोर की फितरत के अनुसार तैयारी करके नृत्य की वह कला उन्होंने विकसित किया कि जब वह नाचते हैं तो मोर भी शरमा जाय I इसलिए इन्हे लोग गुलाम हुसैन मोर के नाम से जानते हैं I  बचपन में जब वह शादियों में नाचने वालो को देखते तो उनके मन में अजीब सी कैफियत उठती थी और वे घुँघुरु लेकर जंगल में जाकर नाचते थे एक दिन किसी ने देख लिया और घर पर बता दिया फिर इन्हे बहुत मार पड़ी I इस कला के लिए इन्होने बहुत गम काटे, शरीर का नुकसान किया, समय का नुकसान किया ज़लालत सही  इसलिए वे यह कला अपने बच्चो को नहीं सिखाना चाहते क्योकि इसमें बहुत मेहनत हैं I

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