एक छोटे से गांव से प्रतिभाशाली व्यावसायिक नेताओं में से एक बनने की कामयाबी।


The success of becoming one of the talented business leaders from a small village.

साल 1980 में तिरुवंतपुरम के एक तमिल परिवार में अशोक रामचंद्रन का जन्म हुआ। पद्म शेषाद्री बाला भवन स्कूल में 1998 को अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने इंजीनियरिंग को डिग्री हासिल की। फिर उन्होंने साल 1847 में स्विट्जरलैंड में स्थापित शिंडलर ग्रुप में सीईओ की नौकरी हासिल किया। सालो तक कंपनी में विभिन्न भूमिकाओं पदनाम में उन्होंने कार्य किया। इकोनॉमिक टाइम्स 40 में शिंडलर के सीईओ अशोक रामचंद्रन को भारत के सबसे प्रतिभाशाली व्यावसायिक नेताओं में से नामित किया गया। शिंडलर ग्रुप एस्केलेटर, लिफ्ट, संबंधित सेवाओं, अत्याधुनिक, पारगमन प्रबंधन योजनायों और पर्यावरण जैसे प्रमुख वैश्विक में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। आज 100 से अधिक देशों से आए 60,000 कर्मचारी इस कंपनी में काम करते हैं। भारत में मौजूद ग्राहक सेवा शिंडलर ग्रुप के विकास रणनीति का आधार है। देश के 13 कार्यालय और मुंबई में शिंडलर ग्रुप के मुख्य कार्यालय है। अशोक रामचंद्रन के अनुसार छोड़ना और असफलता के बीच का अंतर सफलता है। इन्सान को खुद समझना होगा की असफल होने के बाद उन्हें हार माननी है या फिर से उठकर प्रयास करना है। सच्चा नेता वही है जो ईमानदार और विनम्र हो। जिसमे अपनी टीम की गलतियों को खुलकर संबोधित करने का क्षमता हो। आज के युवाओं के लिए अशोक रामचंद्रन के कार्य प्रेरणादायक है।

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