बॉलीवुड के कॉमेडी किंग बनने से लेकर लोकसभा के सदस्य बनने तक की कमियाबी।


The deficiencies ranging from becoming a Bollywood comedy king to becoming a member of the Lok Sabha.

सन 1950 के 30 मई को मुंबई के एक गुजराती ब्राह्मण परिवार में परेश रावल का जन्म हुआ था। अपनी स्कूली शिक्षा मुंबई में पुरी करने के बाद उन्होंने बॉम्बे विश्वविद्यालय से वाणिज्य की डिग्री हासिल की। 1982 में एक गुजराती फिल्म नसीब नी बलिहारी से उन्होंने अभिनय जगत में अपना क़दम रखा। इसके बाद बॉलीवुड में बिना किसी गॉड फादर की मदद से उनके कमियाबी का सिलसिला शुरू हुआ। परेश रावल उन अभिनेताओं में से एक हैं, जिनको उनके शानदार अभिनय के लिए जाना जाता है। विलेन किरदार से लेकर कॉमेडी किरदार में भी उनके कई रंग देखने को मिले हैं। हर किरदार को उन्होंने अपने अभिनय से जान फूंकी है। परेश रावल के बाबू भैया के किरदार को लोगों ने भरपूर प्यार दिया है। अब तक उन्होंने 270 से भी ज्यादा फिल्मों में काम किया है। फिल्मों के साथ साथ उन्होंने कुछ साल पहले राजनीति में भी अपनी किस्मत आजमाई। साल 2014 में परेश रावल ने भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन की थी। लोकसभा चुनाव में अहमदाबाद निर्वाचन क्षेत्र से जीतकर वह लोकसभा के सांसद बने। 2019 में लोकसभा चुनाव में भी उम्मीदवार बनने के लिए उनको टिकट भी मिला। पर उन्होंने चुनाव नहीं लड़ा। वह राजनीति को और गहराई से समझना चाहते थे। उनके किरदारों को देख कर हम समझ पाते हैं कि हिंदी सिनेमा में उनका योगदान सराहनीय है।

BharatiyaRecipes back to top image Add DM to Home Screen