अपना दुख भूल कर लोगों के चेहरे में मुस्कान लाकर तय किया सफ़लता का सिलसिला।


Forgetting your grief and bringing a smile in the face of the people, the process of success.

इंडियन सिनेमा के मशहूर कॉमेडी एक्टर जॉनी लीवर का जन्म सन् 1957 को आंध्र प्रदेश में हुआ था। आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण वह सातवीं तक ही पढ़ाई कर पाए। कम उम्र में ही वह मुंबई आ कर अपना गुजारा चलाने के लिए पेन बेचने लगे। कभी कभी वह बॉलीवुड गानों डांस और एक्टर्स की नकल करके भी पेन बेचा करते थे। इस तरह उन्होंने अपने मिमिक्री टैलेंट को विकसित किया। हिंदुस्तान लीवर कंपनी में जॉनी लीवर अपने पिता के साथ काम करते थे। जहा वह अपने सहकर्मियों को अपने कॉमेडी टैलेंट से खूब हंसाते थे। धीरे धीरे वह कुछ शो करके लोकप्रिय होने लगे और यहां उनको जॉनी लीवर नाम मिला। ऐसे ही एक शो के दौरान बॉलीवुड एक्टर सुनील दत्त ने उनके टैलेंट को पहचाना और उन्हें दर्द का रिश्ता फिल्म में काम दिया। यहीं से जॉनी लीवर की सफलता का सिलसिला शुरू हुआ। उन्होंने अब तक 350 से ज़्यादा फिल्मों में काम किया। जीवन में मिली संघर्ष को पिछे छोड़ अपने सपनों को पूरा करने का जॉनी लीवर का यह साहस आज के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है।

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